तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَفَلَمْ يَنظُرُوٓا۟ إِلَى ٱلسَّمَآءِ فَوْقَهُمْ كَيْفَ بَنَيْنَـٰهَا وَزَيَّنَّـٰهَا وَمَا لَهَا مِن فُرُوجٍ ﴿٦﴾
क्या इन पुनर्जीवन का इनकार करने वालों ने अपने ऊपर फैले आकाश पर विचार नहीं किया कि हमने कैसे उसकी रचना की और उसे बनाया तथा उसे उन सितारों से सजाया, जो हमने उसमें रखे हैं, तथा उसमें कोई दरारें नहीं हैं, जो उसे दोषपूर्ण बनाती हों?! अतः जिसने इस आकाश को बनाया, वह मरे हुए लोगों को फिर से जीवित करने में असमर्थ नहीं है।