तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلْأَرْضَ مَدَدْنَـٰهَا وَأَلْقَيْنَا فِيهَا رَوَٰسِىَ وَأَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍۭ بَهِيجٍ ﴿٧﴾
और हमने धरती को फैलाकर उसे रहने योग्य बनाया और उसमें मज़बूत पहाड़ गाड़ दिए, ताकि वह हिले-डुले नहीं, और उसमें हर प्रकार के अच्छी दृष्टि वाले पौधे और वृक्ष उगाए।