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الطور
आयत 1
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلطُّورِ ﴿١﴾
अल्लाह ने उस पर्वत की क़सम खाई है, जिसपर उसने मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।
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