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المجادلةआयत 10

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّمَا ٱلنَّجْوَىٰ مِنَ ٱلشَّيْطَـٰنِ لِيَحْزُنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَلَيْسَ بِضَآرِّهِمْ شَيْـًٔا إِلَّا بِإِذْنِ ٱللَّهِ ۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلْيَتَوَكَّلِ ٱلْمُؤْمِنُونَ ﴿١٠﴾

निश्चित रूप से - गुनाह, अत्याचार और रसूल की अवज्ञा पर आधारित - कानाफूसी शैतान की ओर से अपने दोस्तों के लिए उसे शोभित करके प्रस्तुत करने और फुसफुसाने के कारण है। ताकि वह ईमान वालों को इस बात से शोकाकुल कर दे कि उनके विरुद्ध चाल चली जा रही है। हालाँकि शैतान और उसका यह सुशोभीकरण, अल्लाह की मर्ज़ी और इच्छा के बिना ईमान वालों को कुछ भी नुक़सान नहीं पहुँचा सकता। और ईमान वालों को अपने सभी मामलों में अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।