तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَكَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلْـَٔايَـٰتِ وَلَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ ﴿١٧٤﴾
जिस प्रकार हमने झुठलाने वाली जातियों के परिणाम के बारे में आयतें खोल-खोल कर बयान की हैं, उसी तरह हम इन लोगों के लिए भी आयतें खोल-खोल कर बयान करते हें, इस आशा में कि वे अपने शिर्क से अल्लाह की तौह़ीद (एकेश्वरवाद) और अकेले उसी की इबादत करने की ओर पलट आएँ, जैसा कि उस वचन में आया है, जो उन्होंने अपने बारे में अल्लाह को दिया था।