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الأعرافआयत 175

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱتْلُ عَلَيْهِمْ نَبَأَ ٱلَّذِىٓ ءَاتَيْنَـٰهُ ءَايَـٰتِنَا فَٱنسَلَخَ مِنْهَا فَأَتْبَعَهُ ٱلشَّيْطَـٰنُ فَكَانَ مِنَ ٱلْغَاوِينَ ﴿١٧٥﴾

और (ऐ रसूल!) बनी इसराईल को, उन्हीं के समुदाय के उस व्यक्ति की खबर पढ़कर सुनाएँ, जिसे हमने अपनी आयतें दी थीं, जिन्हें उसने सीखा और उनसे प्रकट होने वाले सत्य को समझा, लेकिन उसने उन पर अमल नहीं किया, बल्कि उन्हें छोड़ दिया और उनसे किनारा कर लिया। अतः शैतान ने उसका पीछा किया और उसका साथी बन गया। अंततः वह पथभ्रष्टों और विनष्ट होने वालों में से हो गया, जबकि पहले मार्गदर्शित और मुक्ति पाने वालों में से था।