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الشمس
आयत 4
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰهَا ﴿٤﴾
और रात की क़सम खाई है, जब वह धरती के चेहरे को ढक ले और अंधेरी हो जाए।
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