×
الفجرआयत 3

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱلشَّفْعِ وَٱلْوَتْرِ ﴿٣﴾

तथा सम (जोड़े वाली) और विषम (अकेली) चीज़ों की क़सम खाई है।